What is the importance of Basant Panchami
बसंत पंचमी का पर्व हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है।

(Significance of wearing yellow on basant Panchami 2024) पंचांग के अनुसार हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस साल दिनांक 14 फरवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। इस दिन विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से कृपा प्राप्त होती है। वहीं इस दिन पीले वस्त्र पहनने का खास महत्व है। अब पीछे की क्या मान्यता है। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
क्यों पहनते हैं पीले वस्त्र? (Why do we wear yellow clothes)
मां सरस्वती को समर्पित यह शुभ दिन बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। यह दिन पीले रंग से जुड़ा हुआ है। पीले रंग को हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना गया है। पीला रंग शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक है। इसके अलावा इस दौरान सरसों (सरसो के उपाय) के खेत पीले फूलों से खिल उठते हैं।
वहीं मां सरस्वती (मां सरस्वती मंत्र) और पीला रंग ज्ञान का भी प्रतीक है। इसलिए इस रंग को इस पर्व से जोड़ा गया है। इसलिए लोग इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करते हैं और पीले रंग का भोजन भी बनाते हैं। साथ ही अपने घरों को भी पीले रंग से सजाते हैं। बसंत पंचमी का दिन विद्या आरंभ करने के लिए शुभ दिन है।
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क्या है पीले रंग का वैज्ञानिक महत्व ? (What is the scientific significance of yellow color)
वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए, तो यह रंग मन को मजबूत बनाता है। यह रंग मूड और फीलिंग को अच्छा करता है। इसलिए यह रंग बहुत शुभ है।
क्या है बसंत पंचमी का महत्व? (What is the importance of Basant Panchami)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सृष्टि रचना के समय ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़का। जिससे शक्ति रूपी छह भुजाओं वाली देवी प्रकट हुईं। इनके हाथ में फूल, पुस्तक, कमंडल, वीणा और माला थी। उन्होंने जैसे ही वीणा बजाई चारों ओर वेद मंत्र गूंज उठे। इसलिए बसंत पंचमी को मां सरस्वती का प्राकट्य वत्सव भी मनाया जाता है। यह दिन सभी शुभ काम को करने के लिए उत्तम है। कई लोग इस दिन अपने बच्चे को पहला अक्षर लिखना सिखाते हैं।
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