
दोस्तों गणेश चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित है जिसमें बहुत ही भव्य और धूमधाम तरीके से भगवान गणेश की 10 दिन तक पूजा अर्चना की जाती है। जिसमें उनकी मूर्ति की स्थापना और विसर्जन दोनों शामिल है। लेकिन क्या है इसका इतिहास? आज हम इसी के बारे में इस लेख के माध्यम से जानेंगे की कब से मनाया जाता है गणेश चतुर्थी?
क्या है गणेश चतुर्थी का इतिहास?

वैसे तो गणेश चतुर्थी हर वर्ष भ्रादपद के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। परंतु इसके इतिहास की शुरुआत प्राचीन काल में मराठों के सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के काल से ही शुरू हो गई थी। तब गणेश उत्सव को बहुत ही भव्य तरीके से मनाया गया था। इस उत्सव के जरिए उन्होंने जनसंचार का काफी विस्तार किया था।
इसके बाद पेशवाओ ने भी इस परंपरा को आगे बढ़ाया। भगवान गणेश उनके कुल देवता थे इसीलिए बहुत ही उत्साह के साथ गणेश चतुर्थी को मनाया जाता था। पेशवाओं के राज के बाद यह उत्सव कम प्रचलित रहने लगा।
इसके बाद स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक ने अपनी पत्रिका में गणेश उत्सव से प्रभावित होकर उसको स्थान दिया। और अपनी पत्रिका केसरी के कार्यालय में भगवान की मूर्ति स्थापित की और लोगों को पूजन करने के लिए आग्रह किया।
अब क्योंकि इसकी शुरुआत मराठों के प्रदेश महाराष्ट्र से हुई इसीलिए आज भी महाराष्ट्र में बहुत ही धूमधाम और भव्य तरीके से गणेश चतुर्थी का त्त्योहार मनाया जाता है।
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इस वर्ष कब मनाया जायेगा गणेश चतुर्थी?
इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व घाट पत्र के शुक्ल पक्ष 19 सितंबर 2023 को मनाया जाएगा। यह उत्सव 28 सितंबर 2023 को अनंत चतुर्थी तक चलेगा। इस दौरान 10 दिनों तक गणपति भगवान की भव्य पूजा अर्चना की जाती है। इस तरह से आप भगवान गणपति को प्रसन्न करके अपनी मनोकामनाएं पूरी कर सकते हैं।
क्यों मनाया जाता है 10 दिन तक गणेश महोत्सव

गणेश चतुर्थी को भगवान शिव और पार्वती के पुत्र गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन मां पार्वती ने गणेश जी को अपने तपोबल से उत्पन्न किया था। साथ ही पुराने में एक कथा यह भी मान्य है कि महर्षि वेदव्यास ने महाभारत लिखने के लिए गणेश जी का आवाहन किया था। भगवान श्री गणेश महर्षि व्यास के रचना अनुसार 10 दिन तक बिना रुके महाभारत लिखते गए। और अनंत चतुर्थी के दिन 10 दिन बाद उन्होंने गंगा मे स्नान कर खुद को स्वच्छ किया। इसीलिए 10 दिनों तक लगातार श्री गणेश भगवान का गणेश उत्सव मनाया जाता है। इन 10 दिनों में भगवान श्री गणेश का विधिपूर्वक पूजन करने से आप उन्हे प्रसन्न कर सकते है।
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गणेश चतुर्थी का महत्त्व

गणेश चतुर्थी का पर्व हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसन्न किया जाता है। जिससे बुद्धि विवेक और धन की भी प्राप्ति होती है। भगवान श्री गणेश को सभी देवताओं से पहले पूजा जाता है। गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता कहा जाता है क्योंकि वह मनुष्य के सारे दुखों को काटते हैं। और ऐसे कई महत्व है जिसके कारण गणेश भगवान अत्यंत पूजनीय माने जाते हैं। इस पर्व को भारत के सभी राज्यों में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
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