महात्मा गांधी के 10 सुविचार
महात्मा गांधी, जिन्हें बापू के नाम से भी जाना जाता है, भारत के राष्ट्रपिता थे। उन्होंने भारत को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता दिलाने के लिए अहिंसक प्रतिरोध का एक शक्तिशाली आंदोलन चलाया। गांधीजी एक महान विचारक और नेता थे, और उनके विचार काफी प्रासंगिक हैं।
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उनके सुविचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं और हमें सही मार्ग पर मार्गदर्शन करते हैं।
आइए, जानते हैं महात्मा गांधी के उन 10 सुविचारों को जो जीवन के महत्वपूर्ण पाठ प्रदान करते हैं:-
- सत्य और अहिंसा ही जीवन के दो आधार हैं।”
सत्य और अहिंसा गांधीजी के जीवन के दो मूलभूत सिद्धांत थे। उन्होंने हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की कोशिश की, चाहे कितनी भी कठिनाई क्यों न आए।
- “अगर गलती करने की स्वतंत्रता न हो तो ,स्वतंत्र होने का कोई अर्थ ही नहीं है |“
गांधीजी मानते थे कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता भी है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी गलतियों करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

3.“प्रसन्नता ही एकमात्र ऐसा इत्र है जिसे आप दूसरों पर छिड़कते हैं तो कुछ बूंदे आप पर भी पड़ती हैं।”
गांधीजी मानते थे कि खुशी एक ऐसा गुण है जिसे दूसरों के साथ साझा किया जा सकता है। जब हम दूसरों को खुशी देते हैं, तो हम स्वयं भी खुश होते हैं।
4.“ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है।”
गांधीजी ने हमें जीवन की सच्चाई का एहसास दिलाया। उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान क्षण में जीना चाहिए और भविष्य के लिए योजना बनानी चाहिए।

5.“जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाए हुए धन के बराबर है।”
गांधीजी मानते थे कि समय एक बहुमूल्य संसाधन है। उन्होंने हमें समय बचाने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि बचाया हुआ समय हमें अधिक उत्पादक बनने में मदद कर सकता है।
6.“आप अपनी विनम्रता से पूरी दुनिया को हिला सकते हैं।”
गांधीजी ने हमें विनम्रता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विनम्रता हमें दूसरों के साथ बेहतर ढंग से जुड़ने में मदद कर सकती है।
7.“व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं उसके चरित्र से होती है।”
गांधीजी मानते थे कि व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं उसके चरित्र से होती है। उन्होंने हमें आंतरिक सुंदरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
8.“अहिंसा का मार्ग कठिन है, परंतु यह एकमात्र मार्ग है जो हमें वास्तविक स्वतंत्रता और शांति दिला सकता है।”
गांधीजी ने अहिंसा के मार्ग की कठिनाइयों को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने कहा कि यह एकमात्र मार्ग है जो हमें वास्तविक स्वतंत्रता और शांति दिला सकता है।
9.”वह व्यक्ति महान नहीं है जो कभी गलती नहीं करता, बल्कि वह है जो एक ही गलती बार-बार नहीं करता।“
महात्मा गांधी के इस विचार से यह संकेत किया जाता है कि गलती करना मानवता का हिस्सा है, लेकिन सच्ची बुद्धिमत्ता और समझदारी तब प्रकट होती है जब हम अपनी गलतियों से सिखते हैं और उन्हें दोहराने का प्रयास नहीं करते।
10.“आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी।”
गांधीजी ने अहिंसा का सिद्धांत प्रतिपादित किया। उन्होंने कहा कि हिंसा से हिंसा ही पैदा होती है। अहिंसा का मार्ग ही एकमात्र तरीका है जिससे हम दुनिया में शांति और सद्भाव ला सकते हैं।

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ये सुविचार जीवन के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करते हैं, जैसे कि स्वतंत्रता, अहिंसा, सत्य, खुशी, समय प्रबंधन, विनम्रता, और दूसरों के प्रति दया। गांधीजी के ये विचार हमें एक बेहतर इंसान और एक बेहतर समाज बनाने में मदद कर सकते हैं।
आइए, हम इन सुविचारों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें और एक ऐसे समाज का निर्माण करें जिसमें सभी के लिए शांति, प्रेम, और सद्भाव हो|
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