why is brahmaputra a male river
भारत में सभी नदियों को मां समान माना जाता है और सभी की पूजा होती है। जहां एक ओर भारत में नदियों को स्त्री तत्व से जोड़कर देखा जाता है तो वहीं, एक नाद ऐसी भी है जो पुरुष नदी कहलाती है।

Purush Nadi Ke Bare Mein Jane: भारत में नदियों को स्त्री तत्व, मां समान, पवित्र और पूजनीय माना जाता है।
इसी कारण से हिन्दू धर्म में नदियों में स्नान का बहुत महत्व है और उसे पुण्यकर एवं लाभदायक माना गया है।
इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी नदी एक बारे में बताने जा रहे हैं जो स्त्री नहीं बल्कि पुरुष मानी जाती है।
ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ. राधाकांत वत्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आइये जानते हैं पुरुष नदी के बारे में।
- भारत में जितनी भी नदियां हैं उन्हें देवी माना जाता है और स्त्रीलिंग का उपयोग कर उनका नाम लिया जाता है।
- वहीं, एक ऐसी नदी भी है जिसे पुरुष नदी कहा जाता है। यह भारत की इकलौती और प्राचीन पुरुष नदी है।
यह भी पढ़ें: सावन के महीने में भूलकर भी न बनाएं ये सब्जियां
- असल में हम जिस पुरुष नदी की बता कर रहे हैं वह ब्रह्मपुत्र नदी है जिसे वेदों में पुल्लिंग बताया गया है।
- हिन्दू धर्म-शास्त्रों में यह वर्णित है कि ब्रह्मपुत्र नदी कोई देवी नहीं बल्कि देवता हैं यानी कि ब्रह्मा के पुत्र।

- हिन्दू धर्म के अनुसार, ब्रह्म पुत्र नदी का जन्म ब्रह्मा से हुआ था और अमोघ ऋषि ने उनका पालन किया था।
- ब्रह्मपुत्र नदी को भारत की सबसे प्राचीन नदियों में से एक माना जाता है। इसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है।
- ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत में ‘सांपो’, अरुणाचल में ‘डीह’ और असम में ‘ब्रह्मपुत्र’ के नाम से जाना जाता है।

- वहीं, चीन में ‘या-लू-त्सांग-पू’, ‘चियांग’ और ‘यरलुंग जैगंबो जियांग’ आदि नामों से यह नदी कहलाती है।
- बांग्ला में ब्रह्मपुत्र नदी को जामुन नदी और असम में शोक नदी भी कहा जाता है।
- इस नदी को लेकर यह मान्यता है कि पुष्कर में मौजूद ब्रह्मा मंदिर के दर्शन के बाद इस नदी में नहाना चाहिए।
- ऐसा करने से ब्रह्म दोष नहीं लगता है और शारीरिक कष्टों से व्यक्ति को मुक्ति मिल जाती है।
यह भी पढ़ें: Sawan Somvar Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरी मानी जाती है सावन व्रत की पूजा
- ब्रह्म पुत्र नदी भारत की दूसरी सबसे बड़ी नदी है। इस नदी की लंबाई लगभग 2900 किलोमिटर है।
- ब्रह्म पुत्र नदी को दिव्या और चमत्कारी माना जाता है।
भारत में सभी नदियों में से एक मात्र इसी नदी को पुरुष नदी कहा जाता है। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें UPRISING BIHAR से।