महेंद्रनाथ मंदिर, सीवान

महेंद्रनाथ मंदिर, सीवान

महेंद्रनाथ मंदिर, सीवान: भक्ति और धार्मिक आस्था का केंद्र

बिहार राज्य के सिवान जिला से लगभग 35 किमी दूर सिसवन प्रखण्ड के अतिप्रसिद्ध मेंहदार गांव में स्थित भगवान शिव के प्राचीन मंदिर है . बिहार के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में से एक है महेंद्रनाथ मंदिर। मंदिर में शिवलिंग कैसे स्थापित हुआ इसकी एक अद्भुत कहानी है।

महेंद्र नाथ मंदिर का इतिहास

यह मंदिर इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि इस मंदिर की जादुई शक्तियों से कुष्ठ रोग ठीक हो सकता है। राजा महेंद्रवीर कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने का उपाय ढूंढ रहे थे। उसे अपने राज्य में कहीं भी इलाज नहीं मिल सका। एक बार वह बिहार से यात्रा कर रहे थे, जहां वह थक गए और एक विशाल पीपल के पेड़ के नीचे बैठ गए। उसने अपना चेहरा और हाथ धोने के लिए पानी की तलाश की। उसे पानी का एक गड्ढा मिला और उसने पानी से अपने हाथ धोये। उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि गड्ढे के पानी से उसका कुष्ठ रोग ठीक हो गया। भगवान शिव उसके सपने में आये और उसे वह स्थान खोदने का निर्देश दिया। राजा को उस स्थान पर शिवलिंग मिला और उन्होंने भगवान शिव का एक मंदिर भी बनवाया।

कहा जाता है कि मंदिर के तालाब को फावड़े का उपयोग किए बिना हल और बैल द्वारा खोदा गया था। यह मंदिर बिहार में प्रसिद्ध है और कई प्रसिद्ध हस्तियों ने इस मंदिर का दौरा किया है। यहां विभिन्न देवताओं जैसे पार्वती, काल भैरव, भगवान विश्वकर्मा, राम, सीता, हनुमान आदि के लिए कई छोटे मंदिर बनाए गए हैं। यहां एक तालाब है जहां सर्दियों के दौरान प्रवासी पक्षी आते हैं। लोग इस तालाब से जल लेकर शिव लिंग पर चढ़ाते हैं।

महेंद्र नाथ मंदिर का निर्माण

नेपाल के राजा महेंद्रवीर विक्रम सहदेव ने 17वीं शताब्दी में इस मंदिर का निर्माण कराया था। उन्होंने इसका नाम महेंद्रनाथ मंदिर रखा। पांच सौ साल पुराने इस मंदिर में श्रद्धालु खाली पूजा-पाठ के लिए ही नहीं आते, बल्कि यह पर्यटन का बढ़िया केंद्र भी बन गया है.

Read More – धरती से चांद तक का सफर कैसे पूरा करेगा चंद्रयान-3, जानिए इस महामिशन की पूरी कहानी

मंदिर का निर्माण लखौरी ईंट और गारे से हुआ है

मंदिर का निर्माण लखौरी ईंट और गारे से हुआ है। इसके बावजूद करीब 500 साल पुराने मंदिर के ढांचे में अब तक कोई कमजोरी नहीं आयी है। चार खंभों पर खड़े इस मंदिर का निर्माण एक ही पत्थर से हुआ है। खंभों में कहीं कोई जोड़ नहीं है। मंदिर के ऊपर बड़ा गुंबद बना है। उस पर सोने से बना कलस और त्रिशूल रखा है।

13 वां ज्योतिर्लिंग हैं सोहागरा के बाबा हंसनाथ

इस मंदिर की स्थापना द्वापरयुग में दैत्यराज वाणासुर ने अपनी पुत्री उषा के लिए करायी थी। मंदिर का विशाल शिवलिंग स्वयंभू है, इसे 13वां ज्योतिर्लिंग माना जाता है। मान्यता है कि सवा माह तक सोमवार के पूजन से पुत्र प्राप्ति की कामना पूर्ण होती है। जन श्रुति के अनुसार ऐसे भी प्रमाण मिले हैं कि हंसध्वज के पुत्र तुंगध्वज ने संतान प्राप्ति के लिए सोहागरा मंदिर में पूजा अर्चना की थी।

पूजा महत्व और श्रावण में भक्तों का भीड़

बाबा महेन्द्रनाथ का दर्शन करने वाले खाली हाथ नहीं लौटते। यहां प्रतिदिन हजारों भक्तजन आते हैं। सावन में भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है। सावन हो या महाशिवरात्रि यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। कहा जाता है कि मात्र दर्शन से बाबा सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं। बाबा ने नेपाल के राजा के कष्ट को दूर कर दिया था। सिवान के मेंहदार में स्थित बाबा की कहानी पौराणिक और ऐतिहासिक है।

महादेव पर क्या चढ़ाया जाता है

फूल ,बेलपत्र ,फल ,प्रसाद ,जलाभिषेक करते है और धूप दीप दिखते है.

महेंद्र नाथ मंदिर में क्या सुविधाएं हैं

वैसे श्रद्धालु जो दूर के क्षेत्रो , जिलों या राज्यों से जलाभिषेक , विवाह , मुंडन या किसी भी तरह के धार्मिक कार्य के लिए आते है उनके लिए नि:शुल्क या बहुत ही मामूली दर पर धर्मशाला , विवाह भवन व अतिथिशाला उपलब्ध है ।

महेंद्र नाथ मंदिर में कैसे पहुंच सकते हैं

रेल और सड़क मार्ग द्वारा आसानी से मेहदार धाम पहुंचा जा सकता है। सिवान या छपरा से नजदीकी रेलवे स्टेशन महेंद्रनाथ हाल्ट है। यहां से शेयरिंग आटो या रिज़र्व ऑटो से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है । बस या निजी वाहन से भी सड़क मार्ग द्वारा पंहुचा जा सकता है । रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालु जिनकी ट्रेन का ठहराव महेंद्र नाथ हाल्ट स्टेशन पर नहीं हो वो विकल्प के तौर अपनी सुविधानुसार एकमा ,चैनवा या दरौंधा रेलवे स्टेश चुन सकते है। हवाई मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नजदीकी एयरपोर्ट जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट पटना (110 किलोमीटर लगभग) और महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट, गोरखपुर (160 किलोमीटर लगभग) है ।

Read More – बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर : बक्सर का इतिहास और महत्व

ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, बक्सर

उम्मीद है आपको यह लेख पसंद आया हो इसे पढ़ने के लिए धन्यवाद, ऐसे ही आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए जुड़े रहें Uprising Bihar के साथ। यह लेख पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें।

www.uprisingbihar.com
116, Rajput nagar,
Hajipur,, Bihar 844101
India
Follow us on Social Media