
भारतीय संस्कृति में धार्मिक उत्सवों का विशेष महत्व है, जो समाज को एकजुट करने और आदर्शों की ओर मार्गदर्शन करने का कार्य करते हैं। दुर्गा पूजा भारत में माता दुर्गा की पूजा का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे विशेष आनंद और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार सत्ता, शक्ति और शुभता की प्रतीक है और इसका आयोजन भारत के विभिन्न हिस्सों में विशेष धूमधाम के साथ किया जाता है।
मुहूर्त और तारीख
दुर्गा पूजा 2023 की तारीख और मुहूर्त बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यह सही मुहूर्त में पूजा करने से उपासक को अधिक आशीर्वाद मिलते हैं। दुर्गा पूजा 2023 की तारीख १६ अक्टूबर से लेकर २० अक्टूबर तक है। इसके अलावा, पूजा का आयोजन अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में किया जाता है, जिसका आयोजन हिन्दू पंचांग के अनुसार किया जाता है।
दुर्गा पूजा का पूजन विधि
विधान: दुर्गा पूजा का आयोजन विशेष उपासना, पूजा और आराधना के साथ किया जाता है। इसका आयोजन सही रूप से करने के लिए निम्नलिखित विधि-विधान का पालन कर सकते हैं:
- पूजा की तैयारी: पूजा की शुरुआत से पहले आपको पूजा स्थल की तैयारी करनी होती है। पूजा स्थल को साफ-सफाई से लेकर आरती की सामग्री, पूजा के सामग्री और मूर्तियों की तैयारी तक की जाती है।
- पूजा की स्थापना: पूजा की शुरुआत में माता दुर्गा की मूर्ति को स्थापित किया जाता है। मूर्ति को स्थान पर रखें और उसके चारों ओर कलश की स्थापना करें।
- ध्यान और मन्त्र जप: पूजा की प्रारंभ में माता दुर्गा का ध्यान करें और मंत्रों का जाप करें। “ॐ दुं दुर्गायै नमः” यह मंत्र ध्यान और आराधना के लिए उपयुक्त होता है।
- पूजा और आराधना: माता दुर्गा की पूजा के लिए फूल, दीपक, अर्चना, चादर, अद्यापन आदि की आवश्यकता होती है। आप उन्हें आराधना करके अपनी भक्ति और श्रद्धा व्यक्त कर सकते हैं।
- नवपात्र पूजा: दुर्गा पूजा में नौ पात्रों की पूजा भी की जाती है, जिन्हें नवपात्र कहा जाता है। इनमें माता दुर्गा की पूजा की जाती है और उन्हें खाना खिलाया जाता है।
- कन्या पूजन: दुर्गा पूजा में कन्या पूजन भी किया जाता है, जिसमें नौ युवा कन्याएं पूजा के लिए आमंत्रित की जाती हैं। उन्हें आरती और वस्त्रादि से नवाजा जाता है और उन्हें आशीर्वाद दिया जाता है।
- आरती और प्रसाद: पूजा के अंत में माता दुर्गा की आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।
- विसर्जन: दुर्गा पूजा के अंत में माता दुर्गा की मूर्ति को विसर्जन किया जाता है, जिसे नदी या सागर में डाल दिया जाता है।
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समापन
दुर्गा पूजा 2023 एक महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सव है जिसका आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से होता है। इसके दौरान माता दुर्गा की पूजा और आराधना के साथ-साथ सामाजिक एकता और आदर्शों की प्रेरणा का कार्य होता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों और धार्मिकता की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रकट करने में मदद करता है।