Cyclones Names: हम हर साल अलग-अलग तूफानों से बारे में सुनते हैं। इस आर्टिकल में जानें कि आखिर तूफानों का नाम कैसे चुना जाता है।

Cyclones Names: इन दिनों बिपरजॉय तूफान की चारों ओर चर्चा हो रही है। सिर्फ इस साल ही नहीं, हम हर साल किसी ना किसी नए तूफान का नाम सुनते हैं। हालांकि, क्या आपने यह सोचा है कि तूफानों का नाम कैसे रखा जाता है? इस लेख में हम आपको इसी बारे में बताएंगे।
कैसे रखा जाता है तूफानों का नाम?

दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग संगठनों द्वारा चक्रवातों का नाम रखा जाता है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन और राष्ट्रीय मौसम विज्ञान सेवाओं जैसी संस्थाओं द्वारा नाम के चुनाव में अहम भूमिका होती है। प्रत्येक देश 10 नामों की एक सूची तैयार करता है, जो उन्हें चक्रवात के नाम के लिये उपयुक्त होती है। इन सूची में से किसी नाम का चुनाव कर चक्रवात को नाम दिया जाता है। इसे आप उदाहरण से भी समझ सकते हैं कि 2017 में आए ओखी तूफान का नाम बांग्लादेश द्वारा रखा गया था।
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क्यों जरूरी है चक्रवात का नाम
चक्रवातों का नामकरण कई कारणों से महत्वपूर्ण है। सबसे पहले, जब किसी क्षेत्र में कई तूफान आते हैं तो यह भ्रम से बचने में मदद करता है। दूसरा यह चक्रवातों के खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और आपदा तैयारियों को बढ़ावा देने में मदद करता है।
कैसे रखा गया तूफान का नाम बिपरजॉय?
इस साल आए तूफान का नाम बिपरजॉय है। इस नाम का चुनाव बांग्लादेश द्वारा रखा गया है। यह एक बंगाली शब्द है, जिसका अर्थ है आपदा।
भारत भी देता है योगदान

इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट पूरी दुनिया के 6 रीजनल स्पेशलाइज्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर का हिस्सा है। भारत भी तूफानों का नाम रखने में योगदान देता है। सोमालिया में आए चक्रवाती तूफान का नाम निवार रखा गया था। इस नाम का मतलब रोकथाम है, जिसका चुनाव भारत द्वारा किया गया था।
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