
दैनिक स्नान में शामिल करने के लिए 9 सामग्री: ज्योतिषीय उपाय
1. गंगाजल
गंगाजल को स्नान के पानी में मिलाने से मानसिक और शारीरिक शुद्धि होती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है और सकारात्मकता को बढ़ाता है।
2. कच्चा दूध
कच्चे दूध को स्नान के पानी में मिलाने से त्वचा में चमक आती है और यह चंद्रमा की शांति प्रदान करता है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और शांति का अनुभव होता है।
3. हल्दी
हल्दी को स्नान में मिलाने से बृहस्पति ग्रह को मजबूत किया जा सकता है। यह स्वास्थ्य में सुधार लाता है और समृद्धि को बढ़ावा देता है।

4. गुलाबजल
गुलाबजल का प्रयोग स्नान में करने से शुक्र ग्रह की कृपा मिलती है। इससे संबंधों में मधुरता आती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
5. नीम की पत्तियां
नीम की पत्तियों का स्नान जल में उपयोग करने से शनि ग्रह का संतुलन बना रहता है। यह रोगों से रक्षा करता है और नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है।
6. शहद
शहद को स्नान में मिलाने से सूर्य ग्रह को बल मिलता है। यह आत्मविश्वास बढ़ाता है और जीवन में सफलता को आकर्षित करता है।
7. तिल का तेल
तिल का तेल स्नान के पानी में डालने से राहु और केतु के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है। यह सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करता है।

- संतरा छिलका संतरे के छिलके को स्नान के पानी में मिलाने से बृहस्पति और सूर्य ग्रहों का आशीर्वाद मिलता है। यह सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति को बढ़ाता है।
- लौंग और दालचीनी
इनका प्रयोग स्नान में करने से मंगल ग्रह को संतुलित किया जा सकता है। यह जीवन में ऊर्जा और उत्साह को बढ़ाता है और समस्याओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है।

दैनिक स्नान में शामिल करने के लाभ:
- गंगाजल: शारीरिक और मानसिक शुद्धि, नकारात्मक ऊर्जा का नाश।
- कच्चा दूध: त्वचा की चमक, मानसिक शांति।
- हल्दी: स्वास्थ्य में सुधार, समृद्धि का वर्धन।
- गुलाबजल: संबंधों में मधुरता, सुख-समृद्धि में वृद्धि।
- नीम की पत्तियां: रोगों से रक्षा, नकारात्मक प्रभावों का नाश।
- शहद: आत्मविश्वास में वृद्धि, जीवन में सफलता।
- तिल का तेल: राहु-केतु के प्रभावों का संतुलन, सुरक्षा।
- संतरा छिलका: सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति में वृद्धि।
- लौंग और दालचीनी: ऊर्जा और उत्साह, समस्याओं से लड़ने की शक्ति।