
राहुल गांधी इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के बड़े बेटे थे और भारत के छठे प्रधानमंत्री भी थे। राजीव गांधी हमारे भारत के महान नेताओं में से एक थे जिन्होंने भारत के लिए बहुत सारे अच्छे काम किए थे। राजीव गांधी एक ऐसे युवा नेता थे जो आज भी युवाओं के लिए महान प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज के हमारे लेख में हम राजीव गांधी के जीवन परिचय के बारे में गहराई से जानेंगे…
राजीव गांधी का जीवन परिचय

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनकी माता इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थी और पिता फिरोज गांधी एक प्रसिद्ध वकील। साथ ही राजीव गांधी जवाहरलाल नेहरू के नाती भी थे। परिवार के सभी व्यक्तियों का राजनीतिक रुझान होने के कारण राजीव गांधी भी राजनीति में ही आए। उनका विवाह इटली की सोनिया गांधी से हुआ जिससे उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका गांधी हुई।
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प्रारंभिक जीवन
राजीव गांधी ने शुरु की शिक्षा देहरादून के वेलहम्स स्कूल और दून स्कूल से प्राप्त की। इसके आगे की पढ़ाई करने के लिए वह लंदन के इंपीरियल कॉलेज में चले गए। तत्पश्चात उन्हे कैंब्रिज विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने का प्रस्ताव मिला। हालांकि 1965 तक वह कैंब्रिज में ही रहे लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की। उसके बाद 1966 में राजीव गांधी वापस भारत आ गए। यह वह समय था जब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बन चुकी थी। फिर राजीव गांधी ने दिल्ली से फ्लाइंग क्लब में पायलट की ट्रेनिंग ली और इंडियन एयरलाइन में बतौर पायलट काम किया।
निजी जीवन

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान राजीव गांधी को एंटेनियो मैनो से प्यार हो गया। और उन्होंने उनसे 1969 में शादी कर ली। शादी के बाद ही एंटोनियो मैनो ने अपना नाम परिवर्तित कर सोनिया गांधी रख लिया। वर्तमान समय में राजीव गांधी की दो संतान है और दोनों ही राजनीति में कार्यरत है। उनकी पत्नी सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष हैं और राहुल गांधी भी सांसद हैं।
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राजनीतिक जीवन
वैसे तो राजीव गांधी ने बतौर करियर पायलट से शुरुआत की थी। ऐसा कहा जाता है कि राजीव गांधी को राजनीति में बिल्कुल भी रुचि नहीं थी। पर वक्त के साथ उन्हें राजनीति में उतरना ही पड़ा। उनके भाई संजय गांधी की विमान दुर्घटना के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने अमेठी से संसद का चुनाव जीत और 1981 में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए।
प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल

जब 31 अक्टूबर 1984 को राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी को उनके ही बॉडीगार्ड द्वारा मार दिया गया। तभी राजीव गांधी को कांग्रेस के सदस्यों द्वारा बतौर प्रधानमंत्री चुना गया। राहुल गांधी अपने समय में भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और तब उनकी उम्र महज़ 40 साल थी। राहुल गांधी के कार्यकाल में शिक्षा में काफी उन्नति हुई और तभी 18 साल की युवाओं को वोट देने का अधिकार और पंचायती राज को भी भारतीय राजनीति में शामिल किया गया। राजीव गांधी ने युवा शक्ति को बढ़ावा देते हुए उन्हें भरपूर रोजगार दिया जिसके लिए उन्होंने जवाहर रोजगार योजना भी शुरू की थी।
राजीव गांधी की मृत्यु

जब राजीव गांधी श्रीलंका में हो रहे आतंकी मसलों को निपटने के लिए अहम कदम उठा रहे थे। तभी इन पर हमला हुआ और उनकी हत्या कर दी गई। 21 मई 1991 में राजीव गांधी की मानव बम से मृत्यु हो गई। इस पूरी घटना को तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान अंजाम दिया गया। इससे पहले भी राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी की मृत्यु भी उनके ही सिख बॉडीगार्ड के द्वारा की गई थी।
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